नवभारत साक्षरता कार्यक्रम

navbharat literacy programme

 प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए 31 जुलाई 2021 तक "पढ़ना-लिखना अभियान" चलने के बाद अब

मार्च 2026 तक " नवभारत साक्षरता कार्यक्रम" संचालित किये जायेंगे। कार्यक्रम प्रदेश के सभी शहरी एवं

ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को जो औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाए एवं

औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने की उम्र पार कर चुके हैं। उनकी निरक्षरता उन्मूलन के लिए संचालित किये

जा रहे हैं। मंत्रिपरिषद ने इसकी स्वीकृति दे दी है। 

 


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य असाक्षरों को बुनियादी एवं कार्यात्मक साक्षरता प्रदान कराना है। यह योजना
 
वित्तीय वर्ष 2021-22 से संचालित होगी। प्रदेश में साक्षरता कार्यक्रम राज्य, जिला एवं विकासखण्ड में
 
समग्र शिक्षा अभियान/शिक्षा विभाग में कार्यरत अमले से कार्य संपादन कराया जायेगा। साथ ही असाक्षरों
 
को साक्षर करने में जिन संस्थाओं/व्यक्तियों का सहयोग लिया जायेगा उनको "अक्षर साथी" कहा जाएगा।
 
अक्षर साथियों द्वारा स्वयं की इच्छा से साक्षरता कक्षाएँ संचालित की जाएगी। इसमें असाक्षरों को बुनियादी
 
एवं कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करवायी जाएगी। इस कार्य के लिए किसी भी प्रकार का पारिश्रमिक/
 
मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। साक्षरता कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की नियमित नियुक्ति नहीं
 
की जायेगी।
 
 

परियोजना राज्य एवं केन्द्र के मिश्रित अनुदान से संचालित होगी। इसमें केन्द्र एवं राज्य में लागत राशि का
 
अनुपात 60:40 का रहेगा। साक्षरता कार्यक्रम में पाँच वर्षों के लिए 32 लाख 60 हजार असाक्षरों को
 
नवसाक्षर करने का भौतिक लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए पाँच वर्षों में लगभग 110 करोड़ 84 लाख
 
रूपये का व्यय करने का वित्तीय लक्ष्य है।

मध्य प्रदेश समसामयिकी