खान-पान का ध्यान

पढाई करते समय क्या खाएं जिससे पोषण मिले और सेहत भी बनी रहे

 पढाई करते समय शरीर को अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता होती है, लेकिन आपको अधिकाँश समय बैठे रहना है, बैठकर पढाई करनी है. कई बार यह होता है कि प्रतियोगी परीक्षा के दौरान इस प्रकार की दिनचर्या के कारण वजन बढ़ जाता है, और स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है. प्रतियोगी परीक्षा का एक हिस्सा इंटरव्यू भी है. जिसमें आपके व्यक्तित्व की चुस्ती-दुरुस्ती और ऊर्जा पहली नज़र में झलकनी चाहिए. पढ़ाई के दौरान आप खान-पान पर ध्यान नहीं देंगे तो इंटरव्यू तक आते-आते आपको उसकी तैयारी के साथ-साथ फिटनेस पर भी अतिरिक्त समय देना पड सकता है. इसलिए जब आप तैयारी के पहले पड़ाव में हैं तब ही से कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको स्वयं भी अच्छा महसूस होगा और आगे जाकर सेहत पर अतिरिक्त समय देने की आवश्यकता नहीं रहेगी.

इसके लिए हलके-फुल्के व्यायाम के साथ ही आपका खान-पान इस तरह का होना चाहिए कि आपको पाचन की समस्याओं का सामना न करना पड़े. साथ ही आपके शरीर को पोषक तत्व भी मिलते रहें.

कई बार ये होता है कि छात्र रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते हैं. और थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर नींद आने पर चाय या काफी पीते रहते हैं. चाय और काफी में कैफीन होता है जो तत्काल रूप से तो आपको तरोताजा महसूस कराता है लेकिन ज्यादा मात्रा में लेने पर पाचन सम्बन्धी अनेक समस्याओं को जन्म देता है. तो अब क्या किया जाए? पहली बात तो ये है कि यदि आपको रात में ही पढने की आदत है तो आपको अपना शेड्यूल तय करना है कि आप दो-तीन घंटे जमकर पढेंगे औए फिर नींद आने पर आराम से सो जाएँगे. इस बीच आप एकाध बार आप चाय का विकल्प ले सकते हैं.

लेकिन आपको लगता कि आपको अधिक देर तक जागने की जरुरत है तो आप हमारे बताए विकल्पों पर विचार करिए.

चाकलेट मस्तिष्क को तुरंत ऊर्जा देता है. इसको लेने से आप खुश और अच्छा भी महसूस करते हैं. तो जब आपको लगे कि नींद या थकान महसूस हो रही है तब आप चाय या काफी के स्थान पर, दूध गर्म करके उसमें चाकलेट पाउडर मिला कर धीरे-धीरे सिप करें. यकीन मानिए इसके बाद आप बिलकुल तरोताजा महसूस करेंगे.

इसके अलावा आपके पास ग्रीन टी का विकल्प भी है. एक थर्मस में गर्म पानी भरकर रख लें. ग्रीन टी के पाउच लेकर रख लें. जब भी थकान महसूस करें एक कप में गर्म पानी टी पाउच और थोड़ी मात्रा में शक्कर मिलकर पी लें. आप ताजगी से भर जाएँगे. यदि बार-बार ग्रीन टी नहीं लेना चाहते हैं तो पानी में अदरक और सौंफ उबाल लें और थर्मस में भर लें. इस पेय में शक्कर मिलकर या बिना शक्कर के भी, आप बार-बार पी सकते हैं.

रात्रि जागरण के दौरान या दिन में भी पढाई के दौरान आप को हलकी-फुलकी भूख लगती है तो आपको क्या खाना चाहिए? पहली बात आपका भोजन सादा और कम होना चाहिए. जिससे वह आसानी से पच जाए और ज्यादा मात्रा में न होने के कारण आपको नींद न आये. कम और हल्का खाने के कारण आपको पढ़ाई के दौरान भूख लगेगी. ऐसे समय में तला हुआ नाश्ता करने के बजाए कुछ हल्की और गुणकारी वस्तुओं का सेवन करें. इसके लिए कई पोषक और पाचक विकल्प हैं.

सबसे पहला और अच्छा विकल्प हैं मौसमी फल. जो भी आपको पसंद हों ऐसे मौसमी फलों का चुनाव कर लें. जब भी भूख लगे आप इनका सेवन करें. इससे आपकी भूख दूर होगी, शरीर को उर्जा मिलेगी और पोषण भी मिलेगा.

चाकलेट की तरह सूखे मेवों में भी सिरेटोनिन की मात्रा होती है जो मस्तिष्क में पहुंचकर उत्साह बढाने में सहायक है और साथ ही ये प्रोटीन के भी अच्छे स्त्रोत हैं. इनका सेवन भी आप भूख लगने के दौरान कर सकते हैं.

अन्य विकल्प है चने, मूंगफली और मुरमुरे का. कुछ मात्रा में ये तीनों चीजें मिलाकर डिब्बे में अपने पास भरकर रखें. ब्रेक लेने की इच्छा हो या भूख लगे तब आप इन्हें खा सकते हैं. ये तीनों चीजें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत हैं. इससे भी आपका शरीर पोषित होगा और आपको ऊर्जा भी मिलेगी.

यदि आप बाहर रहकर पढाई नहीं कर रहे और घर में ही रह रहे हैं तो आपके पास बहुत से विकल्प हैं. आप टमाटर गाजर का सूप बनवाकर रख सकते हैं. गुड मूंगफली की बर्फी खा सकते हैं. खीरा-टमाटर नमक लगाकर ले सकते हैं.

इन सारे ही विकल्पों को आप तैयार रखें. और भूख लगने पर बारी-बारी से लेते रहें. इस तरह से आपके शरीर को विभिन्न प्रकार का पोषण मिलता रहेगा और आप चुस्त-दुरुस्त, ऊर्जावान बने रहेंगे.

कहने का सार यह है कि आपको अपने शरीर को पोषण और ऊर्जा देने वाली चीजें लेनी हैं. और भारी तथा गरिष्ठ चीजों से दूरी बनानी है. 

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