कैसे करें दिमागी कसरत?

प्रतियोगी परीक्षा की जंग में मस्तिष्क हमारा सबसे बड़ा हथियार है.

अपने शरीर को तंदुरुस्त और फिट रखने के लिए हम व्यायाम करते है. इसी तरह से हमें अपने मस्तिष्क को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए भी कुछ करना चाहिए. कहने का अर्थ है कि कोई न कोई दिमागी कसरत होती रहे तो मस्तिष्क में खून का बहाव अच्छा रहता है और दिमाग तेज़ी से काम करता है. प्रतियोगी परीक्षा की जंग में मस्तिष्क हमारा सबसे बड़ा हथियार है. इस हथियार की धार हमेशा तेज़ बनी रहे, इसके लिए कुछ सरल सहज से व्यायाम  हैं. जिनको करके दिमाग तरोताजा रहेगा और थकान व सुस्ती जैसी समस्याएँ दूर होंगी.

हमारा शरीर दो भागों से मिलकर बना है और दिमाग भी दो भागों से मिलकर बना है. दोनों भागों को एक साथ सक्रिय करके हम मस्तिष्क की क्षमता बढ़ा सकते हैं. इसके लिए हमें इस तरह प्रयास करने होंगे कि शरीर के दोनों भागो के माध्यम से दिमाग के दोनों भागों को सक्रिय किया जा सके. आइये सीखते हैं कि ये किस तरह किया जा सकता है.

सबसे पहले आप खड़े होकर क्रास मूवमेंट करें. यानी दायें हाथ से बाएँ पैर को छुएँ और बाएँ हाथ से दाएँ पैर को छुएँ.

अब आपको अगला स्टेप करना है, यदि आप अपना सारा काम दाएँ हाथ से करते हैं तो बाएँ हाथ से कुछ न कुछ करने का प्रयास करें और यदि यदि आप अपना सारा काम बाएँ हाथ से करते हैं तो दाएँ हाथ से कुछ न कुछ करने का प्रयास करें. जैसे लिखने का काम करे, सीधे हाथ के स्थान पर उलटे हाथ से काम करें. इससे दोनों हाथों के सिग्नल मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को मिलेंगे और दोनों हिस्से सक्रिय हो उठेंगे.

अगले स्टेप में आप हाथों से हवा में 8 अंक की आकृति बनाएं. पहले एक हाथ से बनाएं फिर दूसरे हाथ से. इसी प्रक्रिया को बारी-बारी से 5 मिनट तक दोहराएं.

अपनी नाभि पर ध्यान लगाएँ फिर पेट से साँस लेते रहें. पेट की मांसपेशियों को अन्दर बाहर महसूस करें. साँस अन्दर जोर से लेंगे तब पेट फूलेगा और साँस बाहर छोड़ने पर पेट पिचकेगा. यही प्रक्रिया 5 मिनट तक करे. अभ्यास होने पर इसका समयावधि बढाने की कोशिश करें.

थोड़ी देर आँखें बंद कर बैठें और आस-पास की जो भी आवाज़ें आ रही हैं उन्हें सुनते रहें. कोशिश करें कि मन में कोई और ख्याल न आये.

आँखें बंद कर बैठे रहें और अंग्रेज़ी के अक्षर एक्स की संरचना को काल्पनिक रूप से बनाने का प्रयास करें. इसमें आपकी आँखों की पुतलियाँ घूमेंगी और एक्स की संरचना बनाएंगी.

अपने माथे पर भौहों के ऊपर अपनी तीनों उंगलियाँ रखें और अंगूठा कनपटियों पर रखें. हल्के हाथ से दबाव दें. कुछ समय तक दबाव की प्रक्रिया जारी रखें. उसके बाद रिलैक्स करें. कम से कम पांच बार इसे दोहराएँ.

अपने दोनों कान के फोल्ड को ऊपर से नीचे तक चपटा करने की क्रिया करें. मतलब कान के मुड़े हिस्से को सीधा करते हुए ऊपर से नीचे जाएं. ऐसा दो तीन बार करें.

अपने हाथों की उँगलियों व अंगूठे के पोरों को आपस में दबाव देकर मिलाएं.

और सबसे महत्वपूर्ण तथ्य! पढ़ते समय अपने साथ पानी बोतल रखें. थोड़ी-थोड़ी देर में पानी के घूँट भरते रहें. पढ़ाई करते समय ब्रेन को पानी की आवश्यकता ज्यादा होती है. उसके अभाव में वह काम नहीं कर सकता, अतः पानी पीते रहें.

 

ऊपर बताए गए बिन्दुओं को आप पढाई के बीच में, जब भी आराम की आवश्यकता लगे कर लीजिये. जरुरी नहीं कि आप सारे बिन्दुओं का अभ्यास एक साथ करें. बताई गयी सारी प्रक्रियाओं में से कुछ आपको ज्यादा अच्छी महसूस होंगी. जो अच्छी लगें, उनका अभ्यास अपने ब्रेक में करके अपने दिमाग को चुस्त दुरुस्त बनाइये.

 

मार्गदर्शन