कैसे सुधारें अपनी हैंडराइटिंग
handwriting improvement, mppsc preparation
दोस्तों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में एक मनोविज्ञान काम करता है| पढने का मनोविज्ञान| अभ्यर्थी अधिक से अधिक पढ़ लेना चाहते हैं| उन्हें लगता है कि प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा कोई भी तथ्य उनसे छूट न जाए| बात सही भी है| ज्ञान का सागर अथाह है और परीक्षा में कहीं से भी कुछ भी पूछा जा सकता है| लेकिन इस बात पर कभी कोई ध्यान नहीं देता कि प्रतियोगी परीक्षा का प्रथम पड़ाव पार कर लेने के बाद की परीक्षा भी कम कठिन नहीं होती| कुछ घंटों में आपको अपनी लेखनी के दम पर इस तरह से काम करना है कि न केवल सामने वाला प्रभावित हो जाए बल्कि आपका उत्तर भी सटीक लगे|
यहाँ प्रभावित शब्द बहुत काम का है| इसको जांचने के लिए आप को एक प्रयोग करना होगा| आपके मित्र समूह को एक छोटा निबंध लिखने के लिए कोई विषय दीजिए| फिर सबकी निबंध की कापियाँ जाँचने के लिए रखिए| पहले सभी कापियों पर सरसरी निगाह डालिए| कौन सी कापी आपको प्रभावित करती है| जाहिर सी बात है सुन्दर,सुडौल अक्षरों वाली कापी| जिन कापियों में लिखावट सुन्दर है उन्हें आप ध्यान से पढेंगे और प्रभावित होकर पढेंगे| मतलब सुन्दर लिखावट ने अपना प्रभाव पढने से पहले ही डाल दिया|
प्रतियोगी परीक्षा की कापियों की संख्या लाखों में होती है| जांचने वाले को प्रभावित करने के लिए आपको हरसंभव प्रयास करना चाहिए| और सुन्दर लिखावट भी इसी रणनीति का एक हिस्सा है| आपके पास ज्ञान का भंडार है| आप किसी भी विषय पर तत्काल लिखने में प्रवीण हैं| लेकिन आपकी लिखावट छोटी-छोटी घसीटामार है| तो यकीन जानिये आपने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है| और आधे नंबर अपने आप कटवा लिए हैं|
कहने का तात्पर्य यह है कि पढना और लिखना, दोनों तत्व मिलकर आपको सफलता की सीढ़ी पर चढ़ाते हैं|
कैसे करें इंप्रूवमेंट
पहले खुले दिमाग से विश्लेषण करें। आपकी लिखावट कैसी है। अक्षर बहुत छोटे है। तेजी से लिखते समय सीधी लाइन में बदल जाते है। बार बार हाथ उठाकर लिखने की जरुरत पडती है। धीमी गति से लिखने पर ही लिखावट सुंदर रहती है जल्दी जल्दी लिखने पर बिगड जाती है। और भी कुछ बिंदु हो सकते हैं। यदि ऐसा है तो आपको सुधार की बडी जरुरत है।
सुधार के बिंदु
इसके लिए आप एक ही प्रकार के पेन का उपयोग करें| जिस पेन से लिखना आपको सुविधाजनक लगता हो उसी से निरंतर लिखते रहें| पेन में बदलाव न करें| और परीक्षा के समय पर तो बिलकुल भी नहीं| इसके लिए आप एक ही प्रकार के पेन का उपयोग करें| जिस पेन से लिखना आपको सुविधाजनक लगता हो उसी से निरंतर लिखते रहें| पेन में बदलाव न करें| और परीक्षा के समय पर तो बिलकुल भी नहीं| बार बार विश्लेषण करें और अपनी लिखावट को मरियल सूखा बीमार से सुंदर गोल सुडौल व स्वस्थ बनाएं। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढेगा और यकीन मानिए यह आपने कर लिया तो आपने आधी लडाई जीत ली है समझ लीजिए।
तो फिर देर किस बात की है आज से ही इस पर काम करना शुरु कर दीजिए।
मार्गदर्शन