मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020 को कैबिनेट की मंजूरी

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 13 जनवरी को हुई राज्य मंत्रि परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020 के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। 

 

मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020 ऐसे सूदखोर साहूकारों के चंगुल से जनता को मुक्त करेगा, जो बिना वैध लाइसेंस के मनमानी दरों पर ऋण देते और वसूलते हैं। इसके द्वारा 15 अगस्त 2020 तक लिए गए सभी अवैध ऋण शून्य हो जाएंगे। अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों को इस प्रकार के अवैध ऋणों से पहले ही मुक्त कराया गया है।

वैध लाइसेंसधारी साहूकार दे सकेंगे ऋण

मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020 में वैध लाइसेंस धारी साहूकार द्वारा शासन की निर्धारित दरों पर ऋण देने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। वे नियमानुसार ऋण देकर उसकी वसूली कर सकेंगे। साथ ही ऐसे किसान जो मजदूरों को अग्रिम/ऋण देते हैं, उन पर भी कोई बंधन नहीं रहेगा।

मध्य प्रदेश समसामयिकी