मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020

MP GK

मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 को 9 जनवरी 2021 से प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रलोभन और भय के तहत धर्म परिवर्तन करने और कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
गृह विभाग की ओर से मध्यप्रदेश के राजपत्र में धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 को अधिसूचित कर दिए जाने के साथ ही यह अध्यादेश लागू हो गया है। इस बिल के अनुसार शादी या अन्य कपटपूर्ण तरीके से कराया गया धर्मांतरण अपराध की श्रेणी में होगा। इस मामले में अधिकतम 10 वर्ष की कैद की सजा है। वहीं एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

प्रमुख तथ्य 

— धर्म छिपाकर शादी करने के अपराध में तीन वर्ष से दस साल तक की जेल और 50 हजार रुपये के दंड का प्रावधान रखा गया है। वहीं सामूहिक धर्म परिवर्तन का प्रयास करने पर पांच से दस साल तक की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

— नाबालिग,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के संग ऐसा अपराध करने पर दो से दस वर्ष की कैद का प्रावधान है। वहीं कम से कम 50 हजार रुपये जुर्माने का रखा गया है।

— अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले या कराने वाले शख्स को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर कम से कम तीन से पांच वर्ष की कैद और कम से कम 50 हजार रुपए के अर्थदंड का प्रावधान है। 
 

मध्य प्रदेश समसामयिकी