मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में देश की पहली वर्चुअल केबिनेट मीटिंग

contrys first virtual cabinet meeting

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में देश की पहली वर्चुअल केबिनेट की बैठक 28 जुलाई 2020 को हुई। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रियों ने विभिन्न स्थानों से भागीदारी की । मुख्यमंत्री ने सभी केबिनेट मंत्रियों से वीसी के माध्यम से ही बात की और बैठक में कई फैसले लिए गए। खास बात यह है कि उस समय मुख्यमंत्री स्वयं कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती थे। 


चंबल प्रोग्रेस वे निर्माण की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद की बैठक में चंबल एक्सप्रेस-वे का नाम बदलकर चंबल प्रोग्रेस-वे करने निर्णय लिया गया। साथ ही भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत चंबल प्रोग्रेस-वे के निर्माण की स्वीकृति दी गयी। योजना के अन्तर्गत मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा से मुरैना होते हुए भिण्ड जिले तक 309 किलोमीटर की फोरलेन ग्रीन फील्ड सड़क के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क भूमि उपलब्ध करायी जाएगी। अर्जित की जाने वाली निजी भूमि को यथासंभव शासकीय भूमि से अदला-बदली के माध्यम से किया जायेगा।

कोविड संक्रमित व्यक्तियों के इलाज की व्यवस्था का समर्थन

मंत्रि-परिषद ने कोविड संक्रमित व्यक्तियों के इलाज की व्यवस्थाओं का अनुसमर्थन किया, जिसमें जन आरोग्य योजना के तहत भारत सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता रखने वाले व्यक्तियों द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में कोविड का इलाज कराने पर निर्धारित पैकेज के मान से आयुष्मान भारत निरामय मध्यप्रदेश द्वारा 40 प्रतिशत व्यय भार राज्य वहन करेगा। इसी प्रकार जन आरोग्य योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता रखने वाले व्यक्तियों द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में कोविड का इलाज कराने पर निर्धारित पैकेज के मान से आयुष्मान भारत निरामय मध्यप्रदेश द्वारा शत-प्रतिशत व्यय भार राज्य वहन करेगा। जो व्यक्ति उपरोक्त दोनो श्रणियों में पात्रता नहीं रखते है उनका शासकीय अस्पतालों/ अनुबंधित निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज होगा। गैर अनुबंधित अस्पतालों में इलाज स्वयं के व्यय पर करवाया जा सकेगा।

कोविड अस्पताल/ कोविड हैल्थ केयर सेंटर के लिए निजी चिकित्सालयों के साथ राज्य स्तरीय समिति की उपसमिति के अनुमोदन के बाद अनुबंध निष्पादन किया जायेगा। अस्पतालों को देय राशि का भुगतान जन आरोग्य योजना के अंतर्गत निर्धारित बेड्स की संख्या के आधार पर होगा। देय राशि का 60 प्रतिशत मासिक स्थाई लागत के रूप में और 40 प्रतिशत परिवर्तनशील लागत के रूप में देय होगा। कोविड अस्पताल/ कोविड हैल्थ केयर सेंटर में जन आरोग्य योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता रखने वाले व्यक्तियों के इलाज पर होने वाले व्यय के 60 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति भारत सरकार द्वारा की जायेगी। प्रस्ताव उप समिति द्वारा अनुमोदित किया जायेगा। निजी चिकित्सालयों के साथ अनुबंध 3 माह की अवधि के लिये है और उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ही बढ़ाने का प्रावधान होगा।

मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना में होगें लगभग 14 करोड़ व्यय

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना को अनुसमर्थन प्रदान किया। योजना के तहत 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के पात्र व्यक्तियों को व्यवसाय के लिए 10 हजार रूपये तक की कार्यशील पूंजी बैंक से ऋण के रूप से उपलब्ध करायी जायेगी। जुलाई 2020 से मार्च 2022 तक लागू होने वाली इस योजना में एक लाख ग्रामीण गरीबों को लाभांवित करने का लक्ष्य है। योजना से लगभग 14 करोड़ रूपये का वार्षिक वित्तीय भार आएगा ।

मध्य प्रदेश समसामयिकी