प्रदेश की नई रेत खनन नीति 2017 - एक समीक्षा
new sand mining policy of madhya pradesh
मध्यप्रदेश सरकार ने नई रेत खनन नीति 2017 को प्रदेश में लागू कर दिया है। यह नीति लागू होने के
बाद प्रदेश में वर्तमान में सभी असंचालित रेत खदानें ग्राम पंचायतों/नगरीय निकायों के नियंत्रण में
होंगी। इन रेत खदानों से कोई भी व्यक्ति 125 रुपए प्रति घनमीटर की दर से भुगतान करने के बाद रेत
खनिज प्राप्त कर सकेगा।
नई रेत नीति की विशेषताएं
— ग्राम पंचायतों/स्थानीय निकायों द्वारा रेत खदानों का संचालन किया जाएगा। खदानों का कोई ठेका
नहीं दिया जाएगा।
— इन खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी में से 50 प्रतिशत राशि ग्राम पंचायत/स्थानीय निकाय को प्राप्त होगी।
इसका उपयोग पंचायतों/स्थानीय निकायों द्वारा खदान संचालन के व्यय तथा राज्य शासन द्वारा दिये गये
निर्देशानुसार किया जा सकेगा। शेष 50 प्रतिशत राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान को दी जाएगी। इसका
उपयोग सड़क निर्माण एवं नदी संरक्षण में किया जाएगा।
— रेत परिवहन के लिए अभिवहन पारपत्र जारी करने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। रेत खनिज
परिवहन करने वाले वाहनों की अनावश्यक चैकिंग नहीं की जाएगी।
— रेत खनिज प्राप्त करने के लिए राशि का भुगतान ऑन लाइन होगा। राशि जमा होने पर रेत उठाने के
लिए उपभोक्ता को ऑन लाइन इंडेंट जारी होगा। इसके आधार पर उपभोक्ता चार घंटे की समयावधि में
संबंधित खदान से रेत उठा सकेगा। इससे व्यक्तियों का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
— रेत परिवहन करने के लिए वाहनों का चयन स्वयं उपभोक्ता कर सकेगा। वाहन क्रमांक की ऑन
लाइन सूचना दर्ज करायी जाना होगी ताकि गंतव्य तक रेत पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
— ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों के लिए पंजीकृत वाहनों को रेत परिवहन करने के लिए छूट देने का
निर्णय लिया गया है।
रेत नीति की समीक्षा
मध्यप्रदेश शासन ने नई रेत नीति में आॅनलाइन व्यवस्था कर और ठेकेदारी प्रथा खत्म कर निश्चित रूप
से आम आदमी को राहत दी है। स्थानीय निकाय को शुल्क चुकाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से रेत ले
सकेगा। लेकिन इस नीति में अवैध खनन और अवैध परिवहन रोकने की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। कृषि
वाहनों को रेत परिवहन की छूट देकर सरकार ने अवैध उत्खनन की खुली छूट दे दी है। नई नीति लागू
होने के बाद से खनिज विभाग के साथ जिला प्रशासन ने भी अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की जांच
बिल्कुल बंद कर दी है। इससे अवैध खनन को बढावा मिलेगा जिससे न केवल जलीय जीवों के आवास
नष्ट होंगे बल्कि यह पूरे पर्यावरण के लिए भी ठीक नहीं होगा। शासन को पंचायत और नगरीय निकायों
को रेत उत्खनन के की समुचित मॉनीटरिंग और अवैध उत्खनन रोकने के लिए भी साधन संपन्न बनाना
चाहिए तभी नई रेत नीति का सही मायने में लाभ मिल पाएगा।
मध्य प्रदेश समसामयिकी