एमपीपीएससी मेन्स में शब्द सीमा घटी
एमपी पीएससी (मप्र लोक सेवा आयोग) ने मुख्य परीक्षा में छात्रों को शब्द सीमा में राहत दी है। अब उन्हें पांच हजार शब्द ही लिखना होंगे। पहले करीब सात हजार शब्द लिखना अनिवार्य थे।
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2014 में पहली बार वैकल्पिक विषयों को हटाकर समान सिलेबस लागू किया गया है। इसमें शब्द सीमा को लेकर आयोग को आपत्तियां मिल रही थीं। इस पैटर्न के अनुसार, जनरल स्टडीज के पहले तीन पेपरों में दस लघु उत्तरीय जवाब 150-150 और तीन दीर्घ उत्तरीय जवाब 500-500 शब्दों में लिखना थे।
वहीं 15 अत्यंत लघु उत्तरीय जवाब दो-दो लाइन में लिखे जाना थे। इस लिहाज से एक पेपर में करीब साढ़े छह से सात हजार शब्द लिखना पड़ रहे थे। इस पर सबसे ज्यादा आपत्ति इंग्लिश मीडियम से पढऩे वाले छात्रों को थी।
बदला पैटर्न
पैटर्न बदलने के बाद अब 150-150 शब्द सीमा वाले जवाब 100-100 और 500-500 शब्द सीमा वाले जवाब अधिकतम 300-300 शब्द में देना होंगे। इस पैटर्न के अनुसार करीब पांच हजार शब्दों में पूरा पेपर दे सकेंगे।
591 पदों के लिए परीक्षा देंगे 9503
विभिन्न विभागों के 591 पदों के लिए राज्य सेवा परीक्षा 2014 कराई जा रही है। 8 जुलाई को जारी प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों में आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए 9503 अभ्यर्थियों को चुना है। इनमें सामान्य श्रेणी के 300 पदों के लिए 4869, अनुसूचित जाति के 87 पदों के लिए 1449, अनुसूचित जनजाति के 125 पदों के लिए 1942 और पिछड़ा वर्ग के 79 पदों के लिए 1243 अभ्यर्थी शामिल हैं।