रेत खनन नीति-2015

sand mining policy

जन-सामान्य को तर्कसंगत मूल्य पर रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए  मंत्री-परिषद् की बैठक में रेत खनन नीति-2015 को मंजूरी दी गई।
खनन नीति में प्रावधान किया गया है कि मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम जिन 18 जिले की 53 तहसील में रेत खदानों का संचालन कर रहा है, वह इन जिलों की सभी तहसील में यह कार्य करेगा। शेष 33 जिले में कलेक्टर द्वारा रेत खदानों की नीलामी ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाएगी। इसी प्रकार निगम द्वारा उसके पक्ष में स्वीकृत रेत खनिज के उत्खनि पट्टे से रेत विक्रय के ठेके ई-ऑक्शन के माध्यम से दिये जायेंगें। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले व्यक्ति को अब शासकीय बोली की 25 प्रतिशत राशि की बजाय 10 प्रतिशत राशि अमानत के रूप में जमा करनी होगी। अमानत राशि ई-पेमेंट के माध्यम से जमा की जाएगी। ई-ऑक्शन और अमानत राशि के युक्तियुक्त किये जाने से प्रक्रिया सरल बनेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। इस प्रक्रिया से ज्यादा से ज्यादा लोग रेत के व्यवसाय से जुड़ सकेंगे और रोजगार के नये अवसर निर्मित होंगें।
रेत खनन नीति में ई-ऑक्शन/ई-टेंडर में अपसेट मूल्य अनुमोदित खनन योजना अथवा खनन योग्य उपलब्ध रेत मात्रा के आधार पर नियत करने का प्रावधान किया गया है।
रेत खनन नीति में मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के पक्ष में स्वीकृत खदानों से 10 किलोमीटर की परिधि में कोई अन्य रेत खदान स्वीकृत नहीं किये जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। निगम द्वारा वर्तमान में दी जा रही रायल्टी के समतुल्य राशि लिये जाने का प्रावधान भी समाप्त किया गया है, जिससे उपभोक्ता को सस्ते दाम पर रेत उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा बाँध/जलाशय से निकलने वाली रेत खनिज के निवर्तन का प्रावधान भी किया गया है।
संचालित रेत खदानों से ग्रामीण लोग स्वयं के उपयोग के लिए नि:शुल्क रेत खनिज प्राप्त कर सकेंगें।
नीति में रेत के अधिकाधिक क्षेत्रों को खदान घोषित करने तथा पर्यावरण संतुलन के लिए पर्यावरण स्वीकृति को अनिवार्य करते हुए अधिकतम रेत मात्रा का दोहन किये जाने का प्रावधान है। खुले बाजार में अधिक रेत उपलब्ध होने से यह सस्ते दाम पर उपभोक्ताओं को आसानी से मिल सकेंगी। साथ ही शासन को अधिक राजस्व प्राप्त होगा।

मध्य प्रदेश समसामयिकी