मप्र में उच्च शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में नवाचार
innovation in higher education in mp
उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने वर्ष 2020 की 20-सूत्रीय विभागीय कार्य-योजना की जानकारी देते हुए बताया है कि प्रदेश के सभी महाविद्यालय इंटीग्रेटेड कॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ेंगे। इससे विद्यार्थी कहीं से भी अधोसंरचना, पाठ्यक्रम, विभागीय योजनाओं आदि की सम्पूर्ण जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर देख सकेंगे। श्री पटवारी ने बताया कि खेलों को आमजन से जोड़ने के लिये जल्द ही स्पोर्ट्स टूरिज्म पॉलिसी बनाई जाएगी। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाएगा। प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी, जिससे खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजीव ज्ञान ज्योति अभियान
प्रदेश में पहली बार महाविद्यालयीन शिक्षकों के उत्कृष्ट अकादमिक एवं शोध कार्यों की जानकारी आम नागरिकों को उपलब्ध कराने के लिये राजीव ज्ञान ज्योति अभियान चलाया गया। अभियान में शासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों के उल्लेखनीय अकादमिक एवं रिसर्च संबंधी कार्यों को विभागीय पोर्टल पर संकलित किया जा रहा है। अब तक लगभग 2200 शिक्षकों ने पोर्टल पर अपनी उपलब्धियाँ दर्ज कराई हैं।
भूमि सुरक्षा अभियान
प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की भूमि का स्वामित्व महाविद्यालय/विभाग के नाम पर खसरे में दर्ज कराने और भूमि का सीमांकन कराने के उद्देश्य से भूमि सुरक्षा अभियान शुरू किया गया। भूमि का स्वामित्व एवं सीमांकन तय हो जाने के बाद प्रत्येक महाविद्यालय के लिए उपलब्ध भूमि पर आगामी 30 वर्षों के निर्माण कार्यों का आर्किटेक्चरल प्लान तैयार किया जायेगा, जिसे समयबद्ध तरीके से वर्षवार क्रियान्वित किया जायेगा। भूमि स्वामित्व के राजस्व अभिलेख, सीमांकन दर्शाता नजरी-नक्शा और निर्माण कार्यों का आर्किटेक्चरल प्लान विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध रहेगा।
महिला महाविद्यालयों में महिला पुलिस चौकी
प्रदेश सरकार ने सभी कन्या महाविद्यालय में महिला पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिये कन्या महाविद्यालय के कामन एरिया में (जिसमें निजता भंग न हो) विशेष तौर पर प्रवेश और निर्गम द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि पिछले 2 वर्ष में संस्थाओं में अगर कोई गंभीर घटना घटित हुई है, तो घटना में शामिल लोगों पर क्या कार्यवाही की गई, इसकी जानकारी कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को जरूर दें। कन्या महाविद्यालयों और कन्या छात्रावासों में काम कर रहे सभी संविदा कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया
गया है।
केम्ब्रिज विश्वविद्यालय से एमओयू
विद्यार्थियों में कम्युनिकेशन स्किल का विकास बहुत महत्वपूर्ण है। अंग्रेजी भाषा कौशल विकसित करने और रोजगार क्षमता बढ़ाने में यह मददगार है। इस कौशल विकास के लिये केम्ब्रिज विश्वविद्यालय के साथ 2 वर्ष का एमओयू किया गया। इससे विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
कैंब्रिज असेसमेंट इंग्लिश ट्रेनिंग पायलट प्रोग्राम में वर्तमान में11 जिलों के करीब दो हजार छात्रों को 115 प्राध्यापकों/प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के 60 दिन के कार्यक्रम के बाद छात्रों को बी-1 लेवल का प्रमाण-पत्र कैंब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा दिया जायेगा।
उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाओं के लिए 3000 करोड़
राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को बेहतर आधुनिक सुविधाएँ देने का निर्णय लिया। ये सुविधाएँ विश्व बैंक के सहयोग से प्रदेश के चिन्हित 200 महाविद्यालयों में 3000 करोड़ की लागत से मुहैय्या कराई जा रही हैं। इसमें छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट कक्षाएँ और प्रयोगशालाओं के साथ उनकी रूचि एवं रूझान के अनुरूप स्व-रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भी शामिल है।
महाविद्यालयीन पाठ्यक्रम में रोजगारोन्मुखी शिक्षा के साथ खेलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों में अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न परीक्षाओं में अच्छे नम्बर पाने वाले विद्यार्थियों के लिए दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की व्यवस्था की गई है। महाविद्यालयों के कैम्पस में खाली समय में निजी प्रतियोगी कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के सहयोग से छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की तैयारी कराये जाने पर शासन विचार कर रहा है।
शिकायत निवारण समितियाँ
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम 2019 लागू कर कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों की शिकायत निवारण के लिये महाविद्यालयीन छात्र शिकायत निवारण समिति, विभागीय छात्र शिकायत समिति, संस्थागत छात्र शिकायत निवारण समिति तथा विश्वविद्यालय छात्र शिकायत निवारण समिति गठित की गई है। विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायत की सुनवाई के लिए राज्य स्तर पर लोकपाल की नियुक्ति भी की जाएगी। शिक्षा अथवा अनुसंधान क्षेत्र में प्रख्यात पूर्व कुलपति ही लोकपाल पद के लिए पात्र होंगे। प्रत्येक शिक्षा संस्थान अपना ऑन-लाईन पोर्टल तैयार कर रहा है, जहाँ कोई भी पीड़ित छात्र अपनी शिकायत के समाधान के लिए आवेदन कर सकेगा।
विदेश में उच्च शिक्षा के लिये छात्रवृत्ति
राज्य शासन द्वारा हर वर्ष 20 होनहार विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें विदेश में 2 वर्ष के स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम के लिये 40 हजार डॉलर प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसमें छात्रवृत्ति के रूप में वार्षिक 38 हजार डॉलर के साथ 2 हजार डॉलर किताबों, आवश्यक उपकरण, टंकण, शोध प्रबंध की बाइडिंग सहित अन्य खर्चों को शामिल किया गया है। योजना शैक्षणिक सत्र 2019-20 से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, डेनमार्क, फिनलैण्ड, फ्रांस, हांगकांग, आयरलैण्ड, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैण्ड, न्यूजीलैण्ड, नार्वे, रशिया, सिंगापुर, स्विटजरलैण्ड, ताईवान, यू.के. तथा अमेरिका की निर्धारित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश ले सकते हैं।
ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया
महाविद्यालयों में ई-प्रवेश प्रक्रिया से वर्ष 2019 -20 में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में 5 लाख 35 हज़ार 589 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.68 प्रतिशत अधिक है। बी.एड. आदि पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया में 8 पाठ्यक्रमों में करीब 56 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया, जो रिक्त सीटों की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक रहा।
कॉमन कॅरियर पोर्टल
उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि प्रदेश के विद्यार्थियों को पहली बार कॉमन कॅरियर पोर्टल के माध्यम से रोजगार की अद्यतन जानकारी और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा आदर्श प्लेटफार्म होगा, जिस पर रोजगार देने और रोजगार लेने वाले, दोनों ही उपलब्ध रहेंगे।
उत्कृष्ट महाविद्यालयों की स्थापना
प्रदेश के 8 संभाग में संचालित महाविद्यालयों का नवीन उत्कृष्ट महाविद्यालय में उन्नयन करने के लिये पायलेट प्रोजेक्ट बनाया जायेगा। इस प्रोजेक्ट में महाविद्यालय राष्ट्रीय स्तर के स्वरूप में संचालित किये जाएंगे।
दो हजार करोड़ से 200 महाविद्यालयों का आधुनिकीकरण
मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि वर्ष 2020 में दो हजार करोड़ व्यय कर 200 महाविद्यालयों का आधुनिकीकरण किया जायेगा। इस प्रक्रिया में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिये आधुनिक कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लासेस, लैंग्वेज लैब, ई-लायब्रेरी और भवन उन्नयन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 भवन-विहीन महाविद्यालयों का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूर्ण किया जाएगा। श्री पटवारी ने कहा कि रूसा द्वारा 67 महाविद्यालय में भवन उन्नयन और उपकरण उपलब्ध कराने के कार्य किये जाएंगे।
उच्च-स्तरीय टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना
उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धति से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रदेश में उच्च-स्तरीय टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से 300 प्राचार्यों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया इसी वर्ष आरंभ की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रतिवर्ष 500 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती होगी। श्री पटवारी ने बताया कि राजीव ज्ञान ज्योति अभियान योजना के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर महाविद्यालयों में पदस्थ प्राध्यापकों की अकादमिक उपलब्धियों का संग्रह उपलब्ध रहेगा।
इंदौर में होगी वर्ल्ड ड्रेगन बोर्ड चैम्पियनशिप
मंत्री श्री जीतू पटवारी ने खेल एवं युवा कल्याण गतिविधियों की वर्ष 2020 की कार्य-योजना की जानकारी देते हुए बताया कि देश में पहली बार हो रही वर्ल्ड ड्रेगन बोर्ड चैम्पियनशिप का आयोजन इंदौर में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भोपाल में एशियन रोइंग चैम्पियनशिप आयोजित होगी। श्री पटवारी ने कहा कि पीपीपी मोड से भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर में स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट कॉम्पलेक्स का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
खेल नीति में स्पोर्ट्स कोटे का प्रावधान
मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि छिंदवाड़ा में फुटबाल और इंदौर में स्वीमिंग अकादमी की स्थापना की जा रही है। प्रदेश के 12 स्थानों ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर, सारंगपुर, नरसिंहपुर, विदिशा, बैरागढ़, शिवपुरी, पोहरी, कोलारस, अशोकनगर और पवई में इण्डोर हॉल बनाये जाएंगे। श्री पटवारी ने बताया कि क्षेत्रीय विधायकों को खेलों की सुविधा बढ़ाने के लिये 10-10 लाख रुपये की सहायता दी जायेगी। इसमें 5 लाख रुपये विधायक निधि से और 5 लाख रुपये विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाएंगे। श्री पटवारी ने बताया कि नई खेल नीति में स्पोर्ट्स कोटे का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित ऐशबाग और तुलसी नगर स्टेडियम में हॉकी टर्फ बदला जाएगा। साथ ही, बालाघाट और इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टर्फ का निर्माण शुरू किया जाएगा।