यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र
किसी देश में ऐतिहासिक महत्त्व या अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की देखरेख उस देश की विशेष संपत्ति के रूप में होती है| किन्तु अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का हित इसमें है कि आनेवाली पीढ़ियों के लिए इनका विशेष संरक्षण होना चाहिए अतः ऐसे स्थल पूरे विश्व का उत्तरदायित्व होते हैं|
ऐसे विशेष स्थल वन क्षेत्र, पर्वत, पर्वत, झील, मरुस्थल, भवन, स्मारक या नगर हो सकते हैं, जिन्हें विश्व विरासत समिति चुनती है और यही समिति इनकी देख रेख यूनेस्को के तत्वाधान में करती है| इसका उद्देश्य विश्व संस्कृति की दृष्टि से मानवता के लिए महत्त्व के स्थानों को चयनित कर उन्हें संरक्षित करना है| परिस्थिति के अनुसार ऐसे स्थलों को समिति आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है|
यूनेस्को द्वारा प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस भी मनाया जाता है|
गठन
1959 से पहले इस संस्था का गठन नहीं हुआ था| इसी वर्ष जब मिस्र में असवान बाँध बनाने का कम शुरू होने वाला था तब अबू सिम्बल घाटी के डूब में आ जाने का खतरा सामने आया| यह घाटी पुरातात्विक महत्त्व की थी और बहुमूल्य रत्न भी यहाँ पाए जाते थे| तब यूनेस्को ने पहल करके मिस्र और सूडान की सरकारों के अलावा इसकी रक्षा के लिए व्यापक अभियान चलाया| यूनेस्को ने 50 देशों से 80 मिलियन डालर इकट्ठा करके मंदिर के पत्थरों को ऊँचे स्थान पर ले जाकर पुनःस्थापित किया| इसी प्रकार का अभियान इटली में वेनिस के लेगून के लिए, पकिस्तान में मोहन-जो-दरो के लिए और इंडोनेशिया में बोरोबोदर मंदिर के लिए चलाये गए| फिर यूनेस्को ने एक सम्मलेन किया जो सार्वजनिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कार्य करने के लिए था| बाद में इसमें प्राकृतिक संरक्षण भी जोड़ा गया| इस तरह के सम्मेलनों को 16 नवम्बर 1972 में स्वीडन के स्टोकहोम स्वीकृति मिली|
प्रक्रिया
अपने देश के स्थल को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए किसी भी देश को एक आजमाइश सूची बनानी होती है| इस सूची में शामिल नामों पर ही नामांकन के लिए विचार किया जाता है| इसमें विश्व धरोहर केंद्र सहायता करता है| जब इस प्रकार की फ़ाइल बन जाती है तो अंतर्राष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद् तथा विश्व संरक्षण संघ इसका आकलन करते हैं| फिर विश्व धरोहर समिति से सिफारिश की जाती है| समिति की बैठक साल में एक बार होती है जिसमें निर्णय लिया जाता है|
वर्गीकरण
किसी भी स्थल को इस सूची में शामिल होने के लिए 10 मानदण्डों पर खरा उतरना पड़ता है| अभी विश्व में 851 विश्व विरासत स्थल है जो 142 राष्ट्र पार्टियों में बनते हैं| राष्ट्र पार्टियों का वर्गीकरण पांच भूगोलीय मंडल में किया गया है| पर वास्तव में यह वर्गीकरण पूर्ण रूप से भौगोलिक नहीं कहा जा सकता, बल्कि प्रशासन के आधार पर इनका वर्गीकरण किया गया है| जैसे गोघ द्वीप जो भौगोलिक रूप से दक्षिण अटलान्टिक महासागर में है लेकिन इसे यूरोप और उत्तरी अमेरिका मंडल में रखा गया है क्योंकि इसका नामांकन संयुक्त राजशाही ने किया है|
1.अफ्रीका 2.अरब राज्य(उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व एशिया) 3. एशिया प्रशांत (ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया भी शामिल) 4. यूरोप और उत्तरी अमेरिका (विशेष रूप से संयुक्त राज्य और कनाडा तथा रूस और काकेशस भी इसी में शामिल) 5. दक्षिण अमेरिका और केराबियन|
भारत में विश्व विरासत सूची
भारत में 33 स्थल विश्व विरासत सूची में शामिल हैं इनमें से 26 सांस्कृतिक महत्व के स्थल हैं और 7 स्थल प्राकृतिक श्रेणी के हैं|
नाम |
घोषित होने का वर्ष |
प्रदेश |
आगरा का लाल किला |
1983 |
उत्तरप्रदेश
|
अजन्ता की गुफाएँ |
1983 |
महाराष्ट्र |
एलोरा की गुफाएं |
1983 |
महाराष्ट्र |
ताजमहल |
1983 |
उत्तरप्रदेश |
महाबलीपुरम के स्मारक |
1984 |
तमिलनाडु
|
कोणार्क सूर्य मंदिर |
1984 |
ओड़िसा
|
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान |
1985 |
असम
|
केवलादेव नेशनल पार्क |
1985 |
राजस्थान
|
मानस अभ्यारण्य |
1985 |
असम
|
गोवा के चर्च |
1986 |
गोवा
|
फ़तेहपुर सीकरी |
1986 |
उत्तर प्रदेश
|
हम्पी के अवशेष |
1986 |
कर्नाटक
|
खजुराहो मंदिर |
1986 |
मध्यप्रदेश
|
एलिफेंटा की गुफाएँ |
1987 |
महाराष्ट्र
|
चोल मंदिर |
1987- 2004 |
तमिलनाडु
|
पट्टाडकल के स्मारक |
1987 |
कर्नाटक
|
सुंदरवन नॅशनल पार्क |
1987 |
पश्चिम बंगाल |
नंदा देवी और फूलों की घाटी |
1988-2005 |
उतराखंड |
साँची का स्तूप |
1989 |
मध्य प्रदेश |
हुमायूं का मकबरा |
1993 |
दिल्ली |
क़ुतुब मीनार |
1993 |
दिल्ली
|
माउंटेन रेलवे |
1999 -2005 |
दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल, नीलगिरी तमिलनाडु |
बोध गया का महाबोधि मंदिर |
2002
|
बिहार |
भीमबैठका की गुफाएँ |
2003 |
मध्य प्रदेश
|
चम्पानेर पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान |
2004
|
गुजरात |
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस) |
2004 |
महाराष्ट्र |
दिल्ली का लाल किला |
2007 |
दिल्ली
|
जंतर मंतर जयपुर |
2010 |
राजस्थान |
पश्चिमी घाट (भारत के पश्चिमी तट पर स्थित पर्वत श्रंखला) |
2012 |
महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल |
राजस्थान के पहाड़ी किले |
2013 |
राजस्थान |
रानी की वाव |
2014 |
गुजरात |
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क |
2014 |
कुल्लू हिमाचल प्रदेश |
चंडीगढ़ केपिटल काम्प्लेक्स |
2016 |
चंडीगढ़ |