श्रीहरिकोटा से ही रोकेट लांचिंग क्यों?
सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा (आँध्रप्रदेश) भोगौलिक रूप से रोकेट लांचिंग के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यह भूमध्यरेखा के नजदीक है अतः यह जिओस्टेशनरी सेटेलाइट के लिए आदर्श लांच साईट है| पूर्व की ओर भेजे जाने वाले लांच के लिए भी यह उपयुक्त स्थान है क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है अतः लांच होने वाले यान को इससे अतिरिक्त गति मिल जाती है|
श्रीहरिकोटा के इस्ट कॉस्ट में स्थित होने के कारण पृथ्वी के घूमने की वजह से यहाँ पर लांचिंग को ०.4 कि मी प्रति सेकंड की अतिरिक्त गति प्राप्त होती है| अधिकांश राकेट लांच पूर्व दिशा की ओर ही किये जाते हैं| दक्षिण दिशा की ओर लांचिंग के लिए नया लांच पेड कुलासेकरापत्तिनम 2013 से इसरो द्वारा प्रस्तावित है|
लांचिंग के उपकरण बहुत ही भारी होते हैं इसलिए उनके ट्रांसपोर्ट के लिए भूमि, वायु और पानी किसी भी माध्यम से पहुँचने के लिए यह एक अच्छा स्थान है| (मैप देखें) इसके अलावा ऐसे स्थान पर दुर्घटना का भी खतरा रहता है अतः इन्हें आवासीय इलाके से दूर होना चाहिए|
श्रीहरिकोटा समुद्री किनारे का द्वीप जैसा स्थान होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग एन एच 5 पर निकटस्थ रेलवे स्टेशन से 20 किमी की दूरी पर है और समुद्री बंदरगाह और एअरपोर्ट से 70 किमी की दूरी पर है|
सारी आदर्श स्थितियां इसे एक आदर्श लांचिंग स्टेशन बनाती हैं| अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर केप केनेवरल के बाद यह दूसरे क्रम पर आता है|